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अक्षय तृतीया - आखातीज 19 अप्रैल 2026 (रविवार) पर विशेष - अमरापुर दरबार

अक्षय तृतीया – आखातीज का इतना महत्व क्यों है…?? जानिए कुछ महत्वपुर्ण जानकारी….🔆

🙏 इस दिन माँ गंगा का अवतरण धरती (धरा) पर हुआ था !

🙏 माँ अन्नपूर्णा का जन्म भी आज ही के दिन हुआ था !

🙏 द्रोपदी को चीरहरण से श्री कृष्ण जी ने आज ही के दिन बचाया था !

🙏 कृष्ण और सुदामा का मिलन आज ही के दिन हुआ था !

🙏 कुबेर को आज ही के दिन खजाना मिला था !

🙏 सतयुग और त्रेतायुग का प्रारम्भ आज ही के दिन हुआ था !

🙏ब्रह्मा जी के पुत्र अक्षय कुमार का अवतरण भी आज ही के दिन हुआ था !

🙏 प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री बद्री नारायण जी के कपाट इसी दिन से 6 महीने के लिये खोले जाते है !

🙏- बृंदावन के बाँके बिहारी मंदिर में साल में केवल इसी दिन श्री विग्रह चरण के दर्शन होते है ! अन्यथा श्री चरण साल भर वो बस्त्र से ढके रहते है !

🙏 इसी दिन महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ था !

🙏भगवान परशुराम जयंती भी इसी दिन होती है !!

🙏 अक्षय तृतीया अपने आप में स्वयं सिद्ध मुहूर्त है ! कोई भी शुभ कार्य (विवाह-मुंडन- जनेऊँ संस्कार) एवं नया कार्य का प्रारम्भ किया जा सकता है…..! इस दिन माता लक्ष्मी देवी जी का पूजन भी किया जाता है !

🎊 सतनाम साक्षी 🎊

💰 अक्षय तृतीया / आखातीज 💰 🌞 इस दिन तीर्थ स्नान, (गंगा, जमुना, नर्मदा जल से स्नान), अधिक से अधिक नाम जप, भजन- सुमरण, वस्त्र दान, जल दान, अन्न दान, फल, बर्तन, मीठी वस्तु (शर्बत- मिठाई), पंखा.., जल से भरा हुआ घड़ा (मटका) आदि कन्या , ब्राह्मण, देव स्थान या मंदिर आदि में दान करना चाहिए….! जिससे अक्षय फल की प्राप्ति होती है…. 🎊

इस दिन का बड़ा महात्म्य शास्त्रों में बतलाया गया है ! इसलिए अधिक से अधिक शुभ कर्म करके पुण्य अर्जित करें ….. 🙏

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